मत्स्य पालन में आधुनिक तकनीक का उपयोग

    Matsya Sampada Yojana

    उन्नत तकनीक एवं प्रौद्योगिक हस्तक्षेप किसी भी क्षेत्र के विकास की अहम कड़ी है। आधुनिक मत्स्य पालन के लिए भी, यह बात सही साबित होती है। बढ़ती हुई जनसंख्या से उत्पन्न गुणवत्तापूर्ण पोषण की मांग और ग्रामीण बेरोजगारी जैसी समस्या के निदान के लिए, मत्स्य पालन को एक नए अवसर के रूप में देखा जा रहा है । इसके प्रोत्साहन एवं सफलतम उपयोग के लिए प्रौद्योगिक
    हस्तक्षेप एवं आधुनिक तकनीक पर युवाओं का कौशल, राज्य एवं देश में नीली क्रांति की आधार शिला रखेगा । मैं केंद्रीय मात्स्यिकी शिक्षा संस्थान मुंबई और उसके क्षेत्रीय अनुसंधान एवं प्रशिक्षण केंद्र मोतीपुर को ऐसे कार्यक्रम के आयोजन के लिए बधाई देना चाहता हूँ। जिससे कि प्रौद्योगिकी संचालित मछली पालन एवं उन्नत तकनीकी चेतना लोगों तक पहुंचेगा और राज्य एवं क्षेत्र के किसान एवं उद्यमी को सफल बनाने में सहयोग करेगा । क्षेत्रीय अनुसंधान एवं प्रशिक्षण केंद्र मोतीपुर लगातार किसानों और युवा उद्यमीयों से जुड़कर प्रशिक्षण, तकनीकी प्रदर्शन तथा व्यवहारिक हैंड होल्डिंग का काम कर रही है। जिससे कि राज्य एवं क्षेत्र में युवा नए तकनीक का उपयोग कर मछली पालन का कार्य कर रहे हैं। मैं किसान एवं राज्य के युवाओं से अपील करता हूं कि बह
    केंद्रीय मास्त्यिकी शिक्षा संस्थान के क्षेत्रीय केंद्र जो की मोतीपुर मुजफ्फरपुर बिहार में है, उसका तकनीकी सहयोग लेकर मत्स्य
    पालन की ओर अग्रसर हों। साथ ही किसानों एवं उद्यमीयों के प्रशिक्षण के लिए ऐसे कार्यक्रम निरंतर होते रहे, इसके लिए राज्य सरकार केंद्रीय मास्त्यिकी शिक्षा संस्थान मुंबई एवं उसके क्षेत्रीय केंद्र मोतीपुर के साथ नई रूपरेखा तैयार करेगी। जिससे कि
    किसानों का बेहतर प्रशिक्षण के साथ साथ फॉर्म डेमोंसट्रेशन एवं संपूर्ण हैंड होल्डिंग सुनिश्चित किया जा सके और किसान निसंकोच बिना रिस्क के मछली पालन को अपनाकर, अपना रोजगार, बेहतर आय एवं पोषण सुनिश्चित कर सकें।

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